गेहूँ में सबसे ज़रूरी छिड़काव सही समय पर खरपतवार नियंत्रण है — पहली सिंचाई के बाद, जब खरपतवार छोटे हों। बाद में जनवरी से माहू और गेरुआ आ सकते हैं। गेहूँ के खरपतवारनाशी मात्रा और दोहराव के प्रति बहुत संवेदनशील हैं, इसलिए एक-सी चाल और फ़्लैट-फ़ैन नोज़ल का फ़र्क़ साफ़ दिखता है।
छिड़काव कैलेंडर
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1
खरपतवार नियंत्रण
30–35 दिन (पहली सिंचाई के बाद)लक्ष्य: गुल्ली डंडा, जंगली जई, चौड़ी पत्ती खरपतवार
गेहूँ के लिए पंजीकृत खरपतवारनाशी, नम मिट्टी पर। फ़्लैट-फ़ैन नोज़ल, एक ऊँचाई, मेड़ पर दोबारा छिड़काव नहीं।
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2
माहू नियंत्रण
60–90 दिन (जनवरी–फ़रवरी)लक्ष्य: पत्तियों व बालियों पर माहू
कॉलोनी सीमा पार करे तभी छिड़कें; लेडीबर्ड भृंग अक्सर इन्हें खुद नियंत्रित कर लेते हैं।
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3
गेरुआ (रस्ट) सुरक्षा
60–100 दिनलक्ष्य: पीला, भूरा और काला गेरुआ
पहले धब्बे दिखते ही KVK की सलाह से फफूंदनाशी। ऊपरी (फ़्लैग) पत्ती अच्छी तरह भिगोएँ — यही दाना भरती है।
⚠ केवल CIB&RC पंजीकृत दवाएँ, लेबल पर लिखी मात्रा और पानी के साथ इस्तेमाल करें, और स्थानीय कीट सीमा के लिए KVK / कृषि विभाग की सलाह लें। दस्ताने, मास्क और चश्मा पहनें; छिड़काव के समय खाना, पीना या धूम्रपान न करें।
इन कीट व रोगों पर नज़र रखें
गेहूँ जैसा दिखने वाला घास खरपतवार; कटाई से पहले बीज झड़ते हैं।
पत्तियों पर पीली पाउडर वाली धारियाँ; ठंडे नम मौसम में तेज़ी से फैलता है।
पत्तियों व बालियों पर छोटे हरे कीटों के झुंड; चिपचिपा पदार्थ।
गेहूँ के लिए स्प्रेयर सुझाव
- खरपतवारनाशी से पहले स्प्रेयर कैलिब्रेट करें — ज़्यादा मात्रा फ़सल को नुकसान देती है।
- नोज़ल एक ऊँचाई (खरपतवार से लगभग 45–50 सेमी) पर रखें और एक-सी चाल से चलें।
- कोहरे, ओस से भीगी पत्तियों या तेज़ हवा में खरपतवारनाशी न छिड़कें।
सुझाए गए मसंद स्प्रेयर
Tivona Stellar 12 Ah
- 12V · 12 Ah
- 4.0 L/min
- 110 psi
Masand Nexon 8 Ah
- 12V · 8 Ah
- 4.0 L/min
- 110 psi
Masand Red Mirchi (Brass Barrel)
- 16 लीटर
- Brass
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गेहूँ में खरपतवारनाशी कब छिड़कें?
आमतौर पर बुवाई के 30–35 दिन बाद, पहली सिंचाई के बाद जब मिट्टी नम हो और खरपतवार 2–4 पत्ती के हों। लेबल में अलग न लिखा हो तो फ़्लैट-फ़ैन नोज़ल और प्रति एकड़ 120–150 लीटर पानी लें।
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